© सितम्बर 1946 को उदयपुर राज्य में पण्डित जवाहरलाल नेहरु की अध्यक्षता में अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् के अधिवेशन में राजस्थान के एकीकरण का सुझाव दिया गया । राजाओं के वैमनस्य को देखते हुए यह लगने लगा था कि ये लोग स्वयं कोई निर्णय नहीं ले पायेंगे । इसलिए ये अनुभव किया जाने लगा कि अब केन्द्र सरकार को ही एकीकरण का प्रयास करना होगा । अतः सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 16 दिसम्बर 1947 को यह घोषणा की कि राजस्थान की सभी छोटी - बड़ी रियासतों को मिलाकर एक संघ का निर्माण किया जाएगा । © केबिनेट मिशन के अनुसार ब्रिटिश सरकार ने 22 मई 1946 ई . को घोषणा की कि छोटी - छोटी रियासतों को आपस में मिलाकर बड़ी इकाईयाँ बना लेनी चाहिए या पड़ौस की बड़ी रियासतों या प्रांतों में मिल जाना चाहिए । © भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 की आठवीं धारा के अनुसार देशी रियासतों पर से ब्रिटिश प्रभुसत्ता का अंत हो गया । © स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में तीन श्रेणी के राज्य थे- ( 1 ) A श्रेणी - वे राज्य , जो पूर्व मे प्रत्यक्ष ब्रिटिश नियंत्रण में थे जैसे बिहार बम्बई , मद्रास आदि । इनके प्रमुख राज्यपाल ( ...