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राजस्थान पोस्टल सर्कल भर्ती

राजस्थान पोस्टल सर्कल भर्ती: 129 डाकिया और मेल गार्ड के पद के लिए आवेदन अंतिम तिथि: 27 नवंबर 2017 राजस्थान पोस्ट सर्कल भर्ती 2017 : राजस्थान पोस्टल सर्कल के RMS डिवीजन & पोस्टल डिवीजन में 129 डाकिया और मेल गार्ड के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है, अगर आप इस राजस्थान पोस्टल सर्कल भर्ती के इच्छुक हैं तो आप आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2017 से पहले आवेदन कर सकते हैं। इस जॉब से जुड़ी जानकारी इस प्रकार है। पोस्ट का नाम: डाकिया रिक्ति की संख्या: 126 पद पे स्केल: Level 3 में 2,1700 / – पोस्ट का नाम: मेल गार्ड रिक्ति की संख्या: 03 पद पे स्केल: Level 3 में 2,1700 / राजस्थान पोस्टल सर्कल भर्ती 2017 शैक्षिक योग्यता: उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से मैट्रिक पास चाहिए। राष्ट्रीयता: भारतीय आयु सीमा: न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा 18 से 27 वर्ष है 27.11.2017 को नौकरी स्थान: राजस्थान आवेदन शुल्क: सभी श्रेणियों के लिए आवेदन फार्म का 100 / – भुगतान और सामान्य , ओबीसी श्रेणियों में सभी पुरुष उम्मीदवारों के लिए 400 / – रुपये आवेदन करने वाले आवेदन शुल्क ...

राजस्थान की मिट्टियाँ

राजस्थान की मिट्टियाँ By:-A.K.Sihag arvindk608@gmail.com +91 9784673785 रेतीली / बलुई  मिट्टी :- राजस्थान के सबसे अधिक शेत्र (पश्चमी राजस्थान ) में इस प्रकार की मिट्टी पाई जाती है कच्छारी/जलोड/दुमट /कॉप मिट्टी :- यह सबसे उपजाऊ मिट्टी है अलवर, भरतपुर ,धोलपुर, दौसा, जयपुर ,गंगानगर टोंक, तथा हनुमानगड जिलो में पाई जाती है चाही :- चम्बल के बीहड़ शेत्रो में कछारी मिट्टी का जमाव है जिसमे राजस्व की द्र्स्टी से भूमि का दो भागो में विभाजन है| सिंचित भाग ‘चाही’ कहलाता है काली/रेगर मिट्टी :- कोटा बूंदी तथा झालावाड जिलो के पठारी शेत्रो में पाई जाती है | इसमें सिंचाई द्वारा कपास की खेती की जाती है | भूरी मिट्टी :- अरावली के पूर्वी भाग में बनास व उसकी सहायक नदियाँ के शेत्रोमें पाई जाती है | सिरोजम मिट्टी :- अरावली के पश्चिम में रेत के छोटे टीलो भाग में पाई जाने वाले भाग में पाई जाने के कारण यह धुषर मरुस्थलीय मिट्टी कहलाती है | लवणीय मिट्टी :- यह गंगानगर, बीकानेर ,हनुमानगड ,बाड़मेर एवम जालौर जिले में पाई जाती है | पर्वतीय मिट्टी :- अजमेर अलवर सिरोही उदयपुर पाली के पहाड़ी भ...

राजस्थान एक नजर

राजस्थान एक नजर By:-A.K.Sihag arvindk608@gmail.com +91 9784673785 मारवाड़ की गंगा     लूणी नदी बादशाह दुर्ग बयाना दुर्ग { भरतपुर } स्थम्भो का नगर पाली वीर प्रसूता री धरती शेखावाटी प्रदेश देवो की नगरी सिरोही शेखावाटी की स्वर्णनगरी नवलगड { झुंझनु } राजस्थान की कामधेनु चम्बल नदी व राठी गाय मारवाड़ की भागीरथी नर्मदा नदी राजस्थान की मरूगंगा इन्दिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान का चेरापूंजी झालावाड तीर्थो की नानी देवयानी , सांभर { जयपुर } तीर्थो का बाबा विमलकुंड कांमा { भरतपुर } तीर्थो का भांजा मचकुंड { धौलपुर } राजस्थान का ताजमहल     देलवाडा के जैन मंदिर व अमला मीणी का महल कांठल का ताजमहल काका सहाब की दरगाह { प्रतापगड } राजस्थान का दूसरा ताजमहल बांटाडू का कुंआ { बाड़मेर } राजस्थान का दूसरा हवामहल खेतड़ी महल { झुंझनु } राजस्थान का स्कोटलैंड अलवर राजस्थान  का तीर्थराज पुष्कर राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी राजस्थान का राज्य पुष्प रोहिडा राज...

राजस्थान की चित्रकला

राजस्थान की चित्रकला By:-A.K.Sihag arvindk608@gmail.com +91 9784673785 राजस्थानी चित्रकला अपनी कुछ खास विशेषताओं की वज़ह से जानी जाती है। ब्राउन महोदय के अनुसार राजस्थानी चित्रकला का उदभव राजपूताना शैली से माना जाता है। राजस्थान की विभिन्न चित्र कलाओं के अधिकांश चित्र गोपी कृष्ण कानोड़िया संग्रहालय (उदयपुर) मे संग्रहित है।   प्राचीनता    प्राचीनकाल के भग्नावशेषों तथा तक्षणकला, मुद्रा कला तथा मूर्तिकला के कुछ एक नमूनों द्वारा यह स्पष्ट है कि राजस्थान में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से ही चित्रकला का एक सम्पन्न रुप रहा है। वि. से. पूर्व के कुछ राजस्थानी सिक्कों पर अंकित मनुष्य, पशु, पक्षी, सूर्य, चन्द्र, धनुष, बाण, स्तूप, बोधिद्रम, स्वास्तिक, ब्रज पर्वत, नदी आदि प्रतीकों से यहाँ की चित्रकला की प्राचीनता स्पष्ट होती है। वीर संवत् ८४ का बाड़ली-शिलालेख तथा वि. सं. पूर्व तीसरी शताब्दी के माध्यमिक नगरी के दो शिलालेखों से भी संकेतित है कि राजस्थान में बहुत पहले से ही चित्रकला का समृद्ध रुप रहा है। बैराट, रंगमहल तथा आहड़ से प्राप्त सामग्री पर वृक्षावली, रेखावली तथा रेखाओं क...