सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

राजस्थान का परिचय

राजस्थान का परिचय By:-A.K.Sihag arvindk608@gmail.com +91 9784673785 नामकरण :- वाल्मीकि ने राजस्थान प्रदेश को ‘मरुकान्तार’ कहा है। राजपुताना शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1800 ई. में जोर्ज थोमसन ने किया। विलियम फ्रेंकलिन ने 1805 में ‘मिलिट्री मेमोयर्स ऑफ़ मिस्टर जोर्ज थोमसन’ नामक पुस्तक प्रकाशित की। उसमे उसने  कहा कि जोर्ज थोमसन संभवत: पहला व्यक्ति था, जिसने राजपुताना शब्द का प्रयोग इस भू-भाग के लिए किया था। कर्नल जेम्स टॉड ने इस प्रदेश का नाम रायस्थान रखा क्योंकि स्थानीय साहित्य एवं बोलचाल में राजाओ के निवास के प्रान्त को रायथान कहते थे। उन्होंने 1829 ई. में लिखित अपनी प्रसिद्ध ऐतिहासिक पुस्तक Annals & Antiquities Of Rajasthan (Or Central And Western Rajpoot States Of India) में सर्वप्रथम इस भोगोलिक प्रदेश के लिए राजस्थान शब्द का प्रयोग किया। 26 जनवरी, 1950 को इस प्रदेश का नाम राजस्थान स्वीकृत किया गया। यद्यपि राजस्थान के प्राचीन ग्रंथो में राजस्थान शब्द का उल्लेख मिलता है। लेकिन वह शब्द विशेष के रूप में प्रयुक्त न होकर रियासत या राज्य के रूप में प्रयुक्त हुआ ह...

मानव शरीर

मानव शरीर Human body By:-A.K.Sihag arvindk608@gmail.com +91 9784673785 यह मानव शरीर पाँच तत्वों से बना है:— क्षित,जल,पावक,गगन,समीरा । पंच तत्व यह अधम शरीरा ।।     मानव शरीर के भाग कोशिकाएँ, ऊतक, अंग एवं जटिल संस्थान या तन्त्र परस्पर मिलकर मानव शरीर की रचना करते हैं। ये भाग निम्न है:- कोशिकाएँ मानव शरीर असंख्य सूक्ष्म इकाईयों से मिलकर बना है, जिन्हें कोशिकाएँ कहा जाता है। कोशिका शरीर का सूक्ष्मतम रूप है। यह शरीर की एक मूलभूत रचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है, जो स्वतंत्र रूप से जीवन की क्रियाओं को चलाने की क्षमता रखती है। शरीर के विभिन्न अंगों की कोशिकाओं में भिन्नता होती है, परंतु समस्त कोशिकाओं की मूलभूत संरचना एकसमान ही होती है। ऊतक समान गुणों वाली, एक ही आकार की तथा एक ही कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं। मानव एक बहुकोशीय प्राणी है, जो कोशिकाएँ रचना तथा कार्य में एक-दूसरे से भिन्न होता हैं। एक प्रकार की कोशिकाएँ, एक ही प्रकार का कार्य करती हैं और एक ही वर्ग के ऊतकों जैसे- अस्थि, उपस्थि, पेशी आदि का निर्माण करती हैं। संक्षेप में समान...

बैठक व्यवस्था

    बैठक व्यवस्था      By:-A.K.Sihag     arvindk608@gmail.com    +91 9784673785                               परिचय ⇒    बैठने की व्यवस्था विषय में,  मूलतः लोगो के समूह को दी गयी परिस्थितयो के अनुसार व्यवस्थित करने के प्रश्न पूछे जाते है. वह शायद एक मेज के चारो ओर बैठे हो सकते है, तथा जिनमे मेज की आकृति कुछ भी जैसे वृताकार, वर्ग, आयताकार, पंचभुजी या अन्य हो सकती है. इस विषय के प्रश्नों को हल करने के लिये समीकरण में दी गयी जानकारी को आधार बनाया जाता है. ⇒    यह किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए रीजनिंग भाग का सबसे महत्वपूर्ण भाग है(विशेषतौर पर बैंक पीऔ की परीक्षा के लिए).  इस भाग में,  इस विषय के प्रश्न एक जानकारी के समूह पर आधारित होते है जिनमे परिस्थितियों का समूह होता है जोकि छुपी हुई जानकारी प्रदान करते है तथा जिन...